ब्रेकिंग
राहुल गांधी के विरोध में भाजपा का कांग्रेस कार्यालय घेराव, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल बोले— लोकतंत... पुलिस कमिश्नर डॉ संजीव शुक्ला ने अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिस जवानों का जाना हाल Raipur Central Jail Bail: जेल से बाहर आते ही अमित बघेल ने भरी हुंकार, 2028 चुनाव पर किया बड़ा ऐलान स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जिला अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक मार्च, मांगों को लेकर सरकार के नाम सौंपा ज्ञ... साड़ी की जिद बनी मौत की वजह! पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट CM साय से लघु उद्योग भारती की मुलाकात, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई अहम चर्चा Sai Cabinet Meeting Today: आज साय सरकार ले सकती है बड़े फैसले, किसानों के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान लोक कर्म विभाग की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की प्रगति पर सख्त नजर, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करन... भव्य सावन मेले की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, सांस्कृतिक समिति की बैठक में बनी कार्ययोजना, छत्तीसगढ़ में मेहरबान हुआ मानसून, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश; मौसम विभाग का ऑरेंज-येलो अलर्ट
रायपुर

पंडित प्रदीप मिश्रा का बड़ा बयान: बच्चों को शिवाजी और लक्ष्मीबाई का परिधान पहनाएं, लाल टोपी पहनाकर जोकर न बनाएं

रायपुर| छत्तीसगढ़ की राजधानी के सेजबहार में पंडित प्रदीप मिश्रा शिव महापुराण का वाचन कर रहे हैं। इस दौरान उनका बड़ा बयान सामने आया है। प्रदीप मिश्रा ने सनातनियों को अपने धर्म को प्रबल बनाने की सलाह देते हुए|

कहा है कि आप अपने बच्चों को छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप और झांसी की रानी के परिधान पहनाइए। उन्हें लाल ड्रेस और टोपी पहनाकर जोकर मत बनाइए। पं. मिश्रा ने सेजबहार में 30 दिसंबर रोज दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कथा सुनाएंगे।

इस दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि अपने यहां रूखा-सूखा जो मिल रहा उसे ही खाइए। कुछ लोग थोड़ी चमक-धमक देखकर सनातन से नाता तोड़कर दूसरे धर्म की ओर भटक जाते हैं।

सनातन से बड़ा दूसरा कोई धर्म नहीं है। जो लोग अपने धर्म की परंपराओं और संस्कृति को छोड़कर किसी दूसरे धर्म की नकल करते हैं उन्हीं लोगों का मजाक उड़ाया जाता है। जूठन खाने की आदत छोड़िए। बच्चों को रानी लक्ष्मीबाई और वीर शिवाजी जैसे वीरों की गाथाएं सुनाएं ताकि उनके मन में वीर की भावना उत्पन्न हो।

नए साल साल के जश्न पर पंडित मिश्रा ने कहा कि अभी लोग थर्टी फर्स्ट मनाएंगे। सनातन में ऐसा कोई विधान नहीं है। केवल अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख बदलती है। फिर किस बात की खुशी मनाते हैं।

यह कैसा जश्न है जिसमें शराब की बोतल खोली जाए। क्या मतलब है इसका? चैत्र नव वर्ष में गंगाजल मिलता है। वही सनातनियों का नव वर्ष होता है। उस दिन लोग मंदिर और शिवालय जाते हैं।

मैं सनातनियों से निवेदन करूंगा कि अगर आपको थर्टी फर्स्ट मनाना है तो मदिरालय के बजाए शिवालय में जाइए। रायपुर में हटकेश्वर महादेव, बूढ़ेश्वर नाथ समेत अनेक शिवालय हैं। वहां जाकर भोलेनाथ के दर्शन कीजिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button